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क्या मुसीबत में पड़ी मालाखेड़ी की महिलाओं की मदद आप करेंगे?

नारी जागृति मंच, जिला होशंगाबाद, मध्य प्रदेश

अपील

क्या मुसीबत में पड़ी मालाखेड़ी की महिलाओं की मदद आप करेंगे?

शराब दुकान के खिलाफ महिलाओं का आन्दोलन अगले चरण में गाँधीवादी सत्याग्रह के रूप में प्रारंभ

साथियों,

होशंगाबाद के बगल में मालाखेड़ी गांव (जो अब होशंगाबाद नगरपालिका का हिस्सा है) की महिलाएं पिछले छह महीने से ज्यादा समय से वहां की शराब दुकान को बंद करने की मांग कर रही है और इसके लिए आन्दोलन कर रही हैं. शराब के कारण उनके परिवार बरबाद हो रहे हैं, घरों की शांति खतम हो गई है, महिलाओं पर अत्याचार बढते जा रहे हैं. गांव में शराब दुकान होने से बच्चे भी शराब पीने लगे हैं.

वे कई बार इस दुकान को बंद करने की मांग को लेकर होशंगाबाद कलेक्टर और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज चुकी हैं. जब उनका सब्र टूट गया और वे ज्यादा परेशान हो गई, तो अक्तूबर 2013 में उन्होंने शराब दुकान में तोड़-फोड भी की और 6 दिन तक दुकान खुलने नहीं दी. 7 फरवरी 2014 को उन्होंने और जिले की अन्य महिलाओं ने शराब के खिलाफ पूरे शहर में जुलूस निकाला. जिला प्रशासन ने इस जुलूस की अनुमति नहीं दी और भारी पुलिस लगा कर जुलूस रोकने की कोशिश की, गिरफ्तार करने की धमकी भी दी, लेकिन महिलाओं ने पुलिस को धका कर, एक तरफ कर, जुलूस आगे बढाया. उस दिन भी उन्होंने जिला कलेक्टर को चेतावनी दी कि शराब दुकान बंद नहीं की गई तो वे खुद इसे बंद कर देगी.

नारी जागृति मंच भी पिछले एक साल से शराब बिक्री के खिलाफ और पूरे मध्य प्रदेश में शराब बिक्री बंद करने की मांग को लेकर हस्ताक्षर अभियान चला रहा है. 2 अक्तूबर 2013 को गाँधी जयंती पर इटारसी में जयस्तंभ चौक पर महिलाओं ने शराब और नशे के खिलाफ दिन भर का धरना और उपवास भी रखा.

होशंगाबाद के नजदीक डोंगरवाडा गांव की महिलाएं भी दो-तीन बार वहां बिकने आ रही अवैध शराब को जब्त कर चुकी हैं और शराब की अवैध बिक्री बंद करने की मांग प्रशासन से कर चुकी हैं.

होशंगाबाद जिले से तीन महिलाओं और एक नवयुवक ने छत्तीसगढ़ में बिलासपुर के पास गनियारी स्थित ‘जन स्वास्थ्य सहयोग’ द्वारा आयोजित नशामुक्ति पर दो दिवसीय प्रशिक्षण (28 फरवरी-1 मार्च) में भी भाग लिया है.

अब गाँधीगिरी

आज, 5 मार्च 2014 को, महिलाओं ने मालाखेड़ी शराब दुकान के सामने अपने डेरा डाल दिया है. वे वहां बैठ कर भजन करेगीं, जो शराब खरीदने आयेगा, उसे फूल देकर, हाथ जोड़ कर, शराब खरीदने और पीने से मना करेगीं. उनके बैनर पर महात्मा गाँधी का चित्र लगा है. आज़ादी के आन्दोलन में शराब दुकानों पर महिलाओं की पिकेटिंग होती थी, उसे वे फिर से शुरू करना चाहती हैं. यह गाँधीवादी सत्याग्रह तब तक चलता रहेगा जब तक दुकान स्थाई रूप से बंद करने का फैसला नहीं हो जाता. यदि प्रशासन इसमें अडंगा लगता है और उन्हें गिरफ्तार करने की धमकी देता है तो वे जेल जाने के लिए भी तैयार हैं.

मालाखेड़ी की महिलाओं ने अपना जीवन, अपना परिवार, समाज और देश को बचाने के लिए जो संघर्ष शुरू किया है, क्या उसे समाज का समर्थन और सहयोग मिलेगा या उनके शांतिपूर्ण आन्दोलन को कुचल दिया जाएगा?

आपसे अनुरोध है कि आप तत्काल मालाखेड़ी पहुँच कर इस सत्याग्रह में शरीक हों, इसके समर्थन में बयान दें, जगह-जगह धरना दे, ज्ञापन दें, मुख्यमंत्री को फेक्स और ईमेल करें. इसके लिए आर्थिक सहयोग दें.

निवेदक

ममता सोनी (07869530451), बिस्तोरी (08435445476), सुनील (09425040452), शम्भुनाथ गुप्ता (09425642273)

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