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भोपाल घटना के विरोध करने वाले एडवोकेट के घर के सामने गुण्डागर्दी

आप सभी को  कि 5 नवंबर को भोपाल एनकाउंटर के खिलाफ विरोध जताने  और अपनी मांग रखने वाले नागरिक समूह को कार्यक्रम नहीं करने दिया, सीपीआई-सी.पी.एम. के साथियों को अपने ऑफिस से उठा लिया गया और इस कार्यक्रम में पहल करने वाले 90 वर्षीय  एडवोकेट , श्री आनंद मोहन माथुर , (जो म. प्र  के पूर्व महाधिवक्ता रह चुके है और फिलहाल म प्र  हाई कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता हैं)  को घर में नज़रअंदाज़ कर दिया था. कार्यक्रम स्थल पर पुलिस  छा गयी थी।
आज ७ नवंबर को कुछ गुंडे तत्व माथुर जी के घर के सामने विरोध करने, व उनके मुँह पर कालिक पोतने इत्यादि का  सार्वजनिक घोषणा करने के बाद शाम को ५ बजे उनके घर पर हमला करने की कोशिश की. माथुर जी उस समय घर पर नहीं थे. पुलिस ने घर से  लगभग १०० मीटर की दूरी पर भीड़ को रोक दिया, जहाँ वे कुछ देर तक एकत्रित रहे और प्रेस  को अपना तथाकथित बयान देते गए.
 दोपहर के अखबार ‘प्रभात किरण ‘में इस ” कार्यक्रम’ की खबर छापने के बाद भी पुलिस ने उसे होने दिया. जबकि माथुर जी व अन्य नागरिकों के कार्यक्रम को ‘कानून व्यवस्था ‘ के नाम से रोका गया था.
इस सम्बन्ध में सभी  मुख्य मंत्री , मुख्य सचिव और डी.जी.पी को अपना विरोध जताए.
 कल के अखबारों में अधिक जानकारी मिलने की सम्भावना है। माथुर जी पर आने वाले दिनों में हमले बढ़ने की सम्भावना है.

Indore : Over 15 persons were detained by police on Saturday before as they were trying to protest and form human chain against killing of 8 SIMI men by Bhopal police recently. However, they were released by the police.

The arrests were made while protesting at Regal Square, Malwa Mill Square and other parts of the city. At several places they were detained by the cops just before forming human chain. During their gathering at Regal Square, a passer-by reached there and had a verbal fight with one of the protesters.

The police, however, denied they had detained any protestor. Senior advocate Anand Mohan Mathur said that he had asked for permission to protest against the encounter and had decided to form a human chain at Regal Square. He said he wanted to demand appointment of a Supreme Court judge to probe the killings but was denied permission by the authorities.

http://www.kractivist.org/bhopal-encounter-protest-15-detained-for-protest-including-a-lawyer/

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Comment (1)

  1. K SHESHU BABU

    Detention of protesters and attack on advocate should be condemned because the acts are detrimental for progress of free and fair democratic thoughts. The acts are a means to curb freedom of expression by common public.

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