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Delhi Rozi Roti Adhikar Abhiyan

On the 6th & 7th of April 2017, the Delhi Rozi Roti Adhikar Abhiyaan (DRRAA) will be holding a dharna outside the Delhi Secretariat from 10.30 am onwards to protest against the large scale violations in the implementation of the National Food Security Act (NFSA) in Delhi and to demand immediate action by the Delhi government.

A People’s Assessment of the Implementation of Transparency, Grievance Redress and Accountability Measures of the National Food Security Act in Delhi undertaken by DRRAA has found that ration shops are violating the NFSA with impunity. Despite the passage of more than 3 years since the implementation of the law, the Delhi government has not put in place the requisite grievance redress and accountability measures in place. Further, the Delhi government is proposing to make Aadhaar enabled delivery of ration mandatory through use of Point of Sale devices even though the pilot undertaken by the government shows huge exclusion and problems in use of these devices. The government has also not made public the report of its pilot on use of Aadhaar enabled POS devices. The restrictive eligibility conditions laid down by the Delhi government for people to apply for ration cards has led to the exclusion of the most vulnerable and marginalised sections of society from the Public Distribution System. Scores of homeless and transgender people who applied have been unable to secure ration cards. The attempts of the Delhi government to weed out ration cards as “bogus” or “ineligible” in a non-transparent manner and without revising the eligibility criteria, is regressive and goes against the promises made by AAP in their manifesto.

 

Please do join us on the 6th & 7th of April 2017 (Thursday & Friday) outside the Delhi Secretariat from 10.30 am onwards.

 

Anjali Bhardwaj, Amrita Johri, Koninika Ray, Dipa Sinha, Vimla, Shakeel, Rajender Kumar

(On behalf of the Dilli Rozi Roti Adhikar Abhiyaan)

Contact- 9810273984, 9958284900                       

 

 

दिल्ली रोज़ी रोटी अधिकार अभियान द्वारा दिल्ली सचिवालय पर धरना

                               6 और 7 अप्रैल, 2017, 10.30  बजे

 

6 और 7 अप्रैल, 2017 को, दिल्ली रोज़ी रोटी अधिकार अभियान (डीआरआरएए) द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के कार्यान्वयन में बड़े पैमाने पर हो रहे उल्लंघन के विरोध में तथा सरकार द्वारा तत्काल कारर्वाई कि मांग करते हुए दिल्ली सचिवालय के बाहर दो दिवसीय धरना आयोजित करने जा रहा है।

 

दिल्ली रोज़ी रोटी अधिकार अभियान द्वारा दिल्ली में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून की पारदर्शिता,शिकायत निवारण और जवाबदेही के कार्यान्वयन के एक आकलन में पाया गया कि राशन की दुकानों में बिना किसी डर के साथ एनएफएसए का उल्लंघन हो रहा है। कानून के पारित होने के 3 से अधिक वर्षों के बावजूद भी दिल्ली सरकार ने आवश्यक शिकायत निवारण और जवाबदेही उपायों को लागू नहीं किया है । इसके अलावा, दिल्ली सरकार आधार के साथ पीओएस उपकरणों के उपयोग से राशन देने का प्रस्ताव दे रही है, हालांकि सरकार द्वारा किए गए पायलट में भारी मात्रा में बहिष्कार और इन उपकरणों के इस्तेमाल में काफी समस्याएं आ रही हैं। सरकार ने अभी तक आधार पीओएस उपकरणों के इस्तेमाल पर हुए पायलट की रिपोर्ट भी सार्वजनिक नहीं की है। राशन कार्ड के लिए दिल्ली सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिबंधात्मक पात्रता शर्तों के कारण सार्वजनिक वितरण प्रणाली से समाज के सबसे कमज़ोर और वंचित वर्ग छूट रहे  हैं। जो बेघर और ट्रांसजेंडर हैं, उनमें से कितने ही अपने राशन कार्ड सुरक्षित नहीं कर पाए हैं। दिल्ली सरकार द्वारा गैर पारदर्शी तरीके से और पात्रता मानदंडों में संशोधन किए बिना राशन कार्ड को “फ़र्ज़ी ” या “अपात्र” के रूप में घोषित करने का जो प्रयास चल रहा है , वह आम आदमी पार्टी द्वारा अपने घोषणापत्र में किए गए वादे के भी खिलाफ है।

कृपया 6 और 7 अप्रैल 2017 (गुरुवार और शुक्रवार) को दिल्ली सचिवालय के बाहर धरने के लिए हमारे साथ जुड़ें।

अंजलि भारद्वाज, अमृता जोहरी, कोनीनिका रे, दीपा सिन्हा, विमला, शकील, राजेंद्र कुमार

 

दिल्ली रोज़ी रोटी अधिकार अभियान की ओर से संपर्क 9810273984, 9958284900

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Comment (1)

  1. K SHESHU BABU

    The holding of dharna against violations in food security act is a positive step towards securing the fundamental right to daily meal to sustain life. Solidarity should be expressed with the people agitating for the right to food

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