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Shocking – In 4.5 hrs 60 women sterilised under Mobile and Torch light in Azamgarh #Vaw #WTFnews

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Another Shocking incident of using a  torch light , even a mobile flash do the Sterilisation!!!

60 sterilised in  4 hours

 

On an average 4.5 minute per sterilisation

 

The sterilisation operation as done with torchlight and mobile light.

 

No lessons learnt fro chhattisgarh and jharkhand sterilisation deaths 

 Just a few months ago, In  Chhattisgarh ddozens of women after sterilization lost their lives . Claiming to provide adequate department on Friday Martinganj district in the four-hour operation, 60 women did.

 

The hospital was not lit in the evening  and thet doctors surgery started on mobile light . Martinganj district sterilization camp was held on Friday in the block. 60 women had registered for the sterilization cap .  A team of doctors led by  Dr S P Tiwari arrived at 3.30 p.m. Martinganj block operation began after 8 pm the night .

There was no provision in the light of the hospital. The evening came for sterilization of women highlighted the torch and mobile operation, then the doctor. The Department of Health is beating Didora of adequate sterilization camp. When he spoke to Martinganj medical charge DHANNANJAY Singh said  the electric power  was being uSed to cool the mobile  vaccines. and  the present time there is no light. Later,  IT will be restored.

 

Under the Central  National Rural Health Plan  all the  health centers have been equipped with all facilities including electricity . Yet women’s lives are at stake physician and administrator.  The four and half hour operation is  life threatening for the women. The most important thing is that the hospital is not adequate beds. The medical team was so fast that he made a sterilization just 45 minutes.

A medical team of the Central Government in accordance with the  rules standards  can conduct not moe than 30 surgeries in a day

In januray  2015 , A number of women operated for sterilization were left unattended on the hospital floor in cold weather at Rahul Sankritayan District Women Hospital in Azamgarh
A vasectomy camp was organised at the hospital, where 45 women were operated.

It exposed the reality of medical facilities in Mulayam Singh Yadav’s constituency.

Medical superintendent, Dr Amita Agrawal said that there were only eight beds in the hospital and expressed inability to provide bed to these women.

 

आजमगढ़ में मोबाइल की रोशनी में हुआ नसबंदी का आपरेशन चार घंटे में 60 महिलाओं का किया आपरेशन महिलाओं की जिन्दगी से खेल रहा स्वास्थ्य विभाग ४.५ मिनट में हुआ एक की नसबंदी नसबंदी में लापरवाही से हो चुकी हैं कई मौतें आजमगढ़। महिलाओं की नसबंदी में हो चुकी मौतों से स्वास्थ्य विभाग कोई सबक नहीं ले रहा है।

अभी कुछ माह पूर्व ही छत्तीसगढ़ विलासपुर जनपद के तखतपुर ब्लाक में दर्जनों महिलाएं नसबंदी कराने के बाद काल के गाल में समा गयीं। समुचित व्यवस्था देने का दावा करने वाला स्वास्थ्य विभाग शुक्रवार को आजमगढ़ जनपद के मार्टिनगंज में साढ़े चार घंटे में 60 महिलाओं का आपरेशन कर दिया। अस्पताल में रोशनी की व्यवस्था नही थी तो शाम होते ही चिकित्सकों ने मोबाइल की रोशनी में सर्जरी शुरु कर दी। जनपद के मार्टिनगंज ब्लाक में शुक्रवार को नसबंदी शिविर का आयोजन किया गया था।

इसमें नसबंदी के लिए 60 महिलाओं का पंजीयन हुआ था। डा.एसपी तिवारी के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम अपराह्न 3.30 बजे मार्टिनगंज ब्लाक पर पहुंची उसके बाद आपरेशन शुरु हुआ जो रात करीब 8 बजे तक चला। अस्पताल में रोशनी की कोई व्यवस्था नहीं थी। शाम होते ही नसबंदी के लिए आयी महिलाओं पर जब टार्च व मोबाइल से रोशनी डाली गई तो चिकित्सक ने आपरेशन किया। स्वास्थ्य विभाग नसबंदी शिविर में समुचित व्यवस्था का ढिढोरा पीटता रहा है। जब मार्टिनगंज चिकित्सा प्रभारी डा.धनन्जय सिंह से बात हुई तो उन्होंने कहा कि मोबाइल वैक्सीन को ठंडा करने के लिए बिजली की व्यवस्था है। वर्तमान समय में यहां रोशनी नहीं है। बाद में ठीक करा दिया जायेगा। केंद्र सरकार की योजना राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य योजना के तहत जनपद के वि•िान्न स्वास्थ्य केंद्रों को सभी सुविधाओं से युक्त किया गया है। इसके बावजूद महिलाओं की जिन्दगी चिकित्सक और व्यवस्थापक दाव पर लगा रहे हैं। साढेÞ चार घंटे में 60 आपरेशन मूलभूत सुविधाओं के अभाव में करना जोखिम भरा कदम है।

सबसे अहम बात यह है कि अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में बेड भी नहीं है। इस मेडिकल टीम को इस कदर जल्दी थी कि उसने एक नसबंदी में महज 4.5 मिनट ही लगाये। केंद्र सरकार के मानकों के अनुसार एक मेडिकल टीम एक दिन में महज 30 सर्जरी कर सकती है लेकिन यहां तो एक अकेले डाक्टर ने ही 60 महिलाओं की नसबंदी कर डाली । भ ले ही महिलाओं की जान जोखिम में पड़ी रही।

Reported in Amar Ujwala newspaper click below

Amar Uajala-Varanasi-Azamgarh, 28-2-15, pg. 2

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