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PRESS RELEASE- The helpless expose “vibrant” Gujarat to DMIC Yatra (hindi also)

English: Medha Patkar in Sasthamkotta

The DMIC Virodhi Sangharsh Yatra reached Gujarat on its 5th day after various programmes in Mumbai, Konkan, Khandesh and Marathwada regions of Maharashtra. , a veritable ‘investment destination’ favoured by the global corporate who’s who, is a ‘development hotspot’ sold around the world by its Chief Minister’s image spinmasters. As image makers and corporate lobbyists brag about ’s red carpet for business, SEZs (Special Economic Zones), SIRs (Special Investment Regions), PCPIR (Petroleum, Chemicals and Petrochemicals Investment Region) are the flavour of an endless season as far as corporate honchos are concerned. On the other hand every social indicator, including malnutrition, sex ratio, education and health indicators, tell an entirely different story. Gujarat’s record on each of these is shameful. That is what the Yatra exposed during the course of its journey.

The Yatra touched Umargaon (Dist. Valsad), Gundiya village (Dharampur Tehsil, Dist. Valsad), Hazira-Surat, Sarbhan village (Dist. Bharuch) and Indravarna village (Dist. Narmada), bringing together Adivasis, fisher-people, farmers and unorganised workers. Each of these groups has had its right to life and livelihood threatened by the steam roller driven by the Manmohan Singh-Narendra Modi-Ahluwalia-Chidambaram-Navin Patnaik-Jayalalita axis. While the fisher-people of Umargaon haven’t yet recovered from Lt. Col. Pratap Save’s death by police brutality, another mega port plan is foisted on them by an Israeli corporation along with its Indian minion – Adivasis of Dharampur face the daylight loot of water resources in the garb of the Par-Tapi-Narmade river link project. Similarly lands of farmers of villages around Surat and Bharuch are threatened by various projects connected with the Delhi-Mumbai Industrial corridor.

Bringing together these various groups, the DMIC Virodhi Sangharsh Yatra exposed the Goebbelsian propaganda regarding Gujarat’s strides in industrial development and its accompanying myths.

The real facts are:

  • The problem of unemployment remains as acute as ever despite the “vibrant” investment that is trumpeted around the world – at best, Gujarat only has job-less or job-loss growth.
  • That people are willingly parting with their land, water and forest resources is a black lie. Forceful acquisition and unjust projects are being resisted everywhere.
  • Infrastructure projects – whether they be railway lines, expressways, ports or nuclear power plants – are no longer “holy cows”, people have seen through the hollowness of Governmental claims and will fight them tooth and nail.
  • The working people – farmers, fisher-people, adivasis – are paying a very heavy price and are thrown into the hell fire of urban slums.
  • The myth of Gujarat as a model of development is beginning to unravel.

This is the message received by NAPM’s DMIC Virodhi Sangharsh Yatra from the affected people of Gujarat. The Yatra will move towards Kheda and on its last leg on 14th March 2013. After a public meeting in Ahmedabad on 14th March 2013, the Yatra will set out for Indore.

Medha Patkar, Suniti S. R, Lingraj Azad, Kamla Yadav, Anwari Bi, Afreen Bi, Santosh Thakur, Dhyaneshwar Rodge, Pratap Gaikwad, Yuvraj, Vaibhav Joshi, Madhuresh.

Contact: Madhuresh- 9818905316

प्रेस विज्ञप्तिः भरुच से 13 मार्च 2013ः-प्रेस विज्ञप्ति संलग्न है  For english press note after Hindi, same is also attached

मुंबई-दिल्ली संघर्ष यात्रा के द्वारा 
निस्सहायों ने खोली ‘चमकीले गुजरात‘ की असलियत


अपने पांचवे दिन डीएमआईसी के खिलाफ चल रही मुंबई-दिल्ली संघर्ष यात्रा आज गुजरात पहुंची। मुंबई से 8 मार्च को आंरभ होकर यात्रा महाराष्ट्र के कोंकण, खानदेश और मराठवाड़ा क्षेत्रो में गई। आज गुजरात निवेश के लिये ‘विकास का एक बहुत ही आकर्षक क्षेत्र‘ के रुप में मुख्यमंत्री द्वारा प्रचारित किया गया है। काॅरपोरेट क्षेत्र के लिये गुजरात में आज लालकालीन बिछाया जा रहा है। सेज, विशेष निवेश क्षेत्र, पैट्रौलियम-कैमिकल-पैट्रौकैमिकल निवेश क्षेत्र बनाये जा रहे है। और इस चमक-दमक में जो महत्वपूर्ण सामाजिक विषय है जैसे कुपोषण, लिंगानुपात, शिक्षा, स्वास्थय आदि को छुपाया जा रहा है। असलियत यह है कि इन सब विषयों पर गुजरात की स्थिति शर्मनाक है। संघर्ष यात्रा ने इस सत्य को सामने लाया है।

आज संर्घष यात्रा उमरगांव व गुनडिया गांव, धर्मपुरा तहसील, जिला वलसाड; हजारिया-सूरत, सरभान गांव जिला भरुच; इन्द्रावरना गांव, जिला नर्मदा आदि क्षेत्रो के आदिवासी, मछुआरों, किसानों, असंगठित कामगारांे को जोड़ती हुई आगे बढ़ी। ये सब समूह इस समय मनमोहन-नरेंन्द्रमोदी-अहलुवालिया-चिदंबरम्-नवीन पटनायक-जयललिता के गठजोड़ से त्रस्त है। उमरगांव में आज भी लोग लै0 प्रताप सावे जी की पुलिस बर्बता से हुई हत्या से उबर नही पाये है। वहीं अब एक इजरायली कंपनी एक भारतीय कंपनी मिलकर बहुत बड़ा नया बंदरगाह बना रही है। पार-तापी-नर्मदा नदी जोड़ परियोजना के कारण धर्मपुर के आदिवासियों की जलसंपदा दिन के उजाले में लुट रही है। ऐसे में डीएमआईसी के कारण आने वाली विभिन्न परियोजनाओं के कारण सूरत और भरुच के गांवो के आदिवासियों की भूमि छीनने का खतरा आ गया है। इन विभिन्न समूहो को साथ लाकर डीएमआईसी के विरोध में चल रही मुंबई-दिल्ली संर्घष यात्रा ने गुजरात प्रगति में औद्योगिक विकास के बारे में फैलाये जा रहे झूठ को उजागर किया।

असली मुद्दे हैंः-

गुजरात में चमकीले निवेश के बावजूद बेराजगारी की समस्या पहले की तरह ही बरकारार है। वास्तव में गुजरात मात्र रोजगार हीन वृद्धि के रास्ते पर है।
यह पूरी तरह काला झूठ है कि लोग इच्छापूर्वक अपनी जमीन-जंगल-पानी जैसी संपदा को छोड़ रहे है। जबरी अधिग्रहण और अन्यायी परियोजनाओं का हर जगह विरोध हो रहा है।
ढांचागत परियोजनाओं चाहे वो रेल्वे लाइने हो, दु्रतगतिमार्ग हो, बंदरगाह हो, अणुउर्जा के प्लांट हो सब जगह विरोध है। लोगो ने सरकारी दावों की पोल देख ली है। और वो अब सघ्ंार्ष के रास्ते पर है।
कामगार लोग-आदिवासी, मछुआरों, किसानों, असंगठित कामगार आदि को इस तथाकथित विकास की बड़ी किमत चुकानी पड़ रही हैै और उन्हे शहरी स्लम के नरक में फेका जा रहा है।
‘गुजरात विकास का माडॅल है‘ यह झूठ अब उधड़ना शुरु हो गया है।

डीएमआईसी के खिलाफ चल रही मुंबई-दिल्ली संघर्ष यात्रा को यही संदेश गुजरात के परियोजना प्रभावितों से मिला है। अब 14 मार्च को यात्रा खेडा और अहमदाबाद की ओर गुजरात में अपने अंतिम पड़ाव पर जायेगी। जिसके बाद मुंबई-दिल्ली संघर्ष यात्रा मध्यप्रदेश में इंदौर में प्रवेश करेगी

मेधा पाटकर, आंनद मझगांवकर, कृष्णकांत, लिंगराज आजाद, कमला यादव, अनवरी बी, अफरीन बी, संतोष ठाकुर, ध्यानेश्वर रोडगे, प्रताप गायकवाड, युवराज, वैभव जोशी, मधुरेश

अधिक जानकारी के लिये देखेwww.napm-india.org अभियान संपर्कः-मधुरेश-9818905316

 

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