The Ex Sarpanch of Chhote Tongpal (one of the villages where the villagers were beaten up on 26th and where 26 young men were also picked up out of which 15 were then arrested), Mukka Kawasi, has been picked up by the police and they are soon going to produce him for arrest. It should be noted that Mukka appeared in an ndtv interview on how the police is forcing innocent villagers to surrender that was aired yesterday (here’s the link to that and the villagers of this village have been trying to get an FIR registered against the forces for beating them, regarding which, the court yesterday only ordered the police station to submit their report in the next hearing. Mukka was picked up around 1 p.m. from Kokenar bazaar (haat) today.

Call the SHO Prakash Rathore and SP and ask them to stop harassing villagers of Jangampal, Chhotte Tongpal and Bade Gurbe- all falling under Kokenar police thana limits.

SHO Kukanar, Prakash Rathore  – 09406090976

SP Sukma, D. Shrawan Kumar –  09479190085




This is the complete (18 min) ndtv story on the so- naxalite surrenders that aired yesterday.

एनडीटीवी इंडिया से बात करने वाला आदिवासी पुलिस हिरासत में

Hridayesh Joshi, Last Updated: दिसम्बर 20, 2014 05:12 PM IST


Sukma tribesman who talked to NDTV India detained

मुका कवासी की फाइल तस्वीर

नई दिल्ली: सुकमा जिले के छोटे तोंगपाल गांव में रहने वाले आदिवासी किसान मुका कवासी को शुक्रवार को कूकानार पुलिस ने पकड़ लिया। शनिवार को पुलिस ने मुका को अदालत में पेश किया।

दो दिन पहले एनडीटीवी इंडिया ने खबर दिखाई थी, जिसमें आदिवासी किसान मुका कवासी ने आरोप लगाया था कि पुलिस उसे परेशान कर रही है और जबरन नक्सली समर्थक बताकर सरेंडर करने का दबाव डाल रही है।

पुलिस ने शुक्रवार को मुका कवासी को गांव के एक हाट बाज़ार से गिरफ्तार किया। मुका का कहना था कि पुलिस के डर से वह रात के वक्त कई दिनों से अपने घर पर नहीं सो रहा था और जंगल में छुप कर रह रहा था।

एनडीटीवी इंडिया ने इस बारे में पुलिस से बात की। कूकानार थाने के एसएचओ प्रकाश राठौर का कहना है, “मुका कवासी संदिग्ध है और पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए गिरफ्तार किया। उसे अदालत में पेश किए जाने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।” मुका कवासी की गिरफ्तारी का एनडीटीवी इंडिया को पुलिस के खिलाफ दिए गए बयान से कोई लेना-देना नहीं है।