16 year old school girl was kidnapped by a distant relative at Gun Point, taken to a temple to get married forcibly and made to undergo sterilisation operation without her consent at a Private Hospital in Banka District of Bihar. Close Family members of the girl and the relative were also involved.

बिना जांच के किया गया नाबालिग का ऑपरेशन

प्रेमी के परिजन व चिकित्सक की मिलीभगत
बांका : सदर थाना क्षेत्र के मतडीहा गांव के 9वीं कक्षा की 16 वर्षीय नाबालिग छात्रा का अपहरण कर शादी के बाद बंध्याकरण का मामला गरमाता जा रहा है. उक्त घटना की जानकारी अखबार की माध्यम से जिनको भी हुई वो आवाक रह गये और लोगों ने कहा कि जो भी लोग घटना को अंजाम देने में शामिल है उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए.
 वहीं पीड़िता ने कहा कि शनिवार को बांका न्यायालय में हुए 164 के ब्यान में उन्होंने कहा है कि बिना उसके अनुमति के जबर्दस्ती बौंसी अस्पताल के रेफरल प्रभारी डॉ आरके सिंह के नीजी क्लिनिक में उसका बंध्याकरण कराया गया.
बंध्याकरण कराने में प्रेमी सह पति बबलू यादव के अलावे प्रेमी की पहली पत्नी के मामा कुंदन यादव, ससुर श्याम सुंदर यादव व पीड़िता के सगे मामा अनिल यादव व अशोक यादव व मामी मीणा देवी व रूपा देवी शामिल है.
साथ ही पीड़िता ने यह भी बताया कि वो बांका के एक उच्च विद्यालय की छात्रा है. रिश्ते में ममेरा जीजा लगने के कारण वो बराबर मेरे घर आते जाते रहते थे. इसी दौरान नवरात्र के पहले दिन वो हमारे घर शाम में पहुंचे और रात में घर पर रुक गये.
रात में परिवार के सभी सदस्यों के सोने के बाद वो मुझे पिस्तौल के नोक पर घर से जबर्दस्ती उठाकर देवघर मंदिर में जाकर मांग में सिंदूर डाल दिया. शादी के करीब 18वें दिन उसने अपने परिवार वालों के सहयोग से बंध्याकरण करावा दिया और जीवन भर के लिए मुझे मातृत्व लाभ से वंचित कर दिया.
रुपये के लालच में जीवन कर िदया बरबाद
 धरती के दूसरे भगवान कहे जाने वाले डॉक्टर पर से अब लोगों का भरोसा उठने लगा है. भगवान ही पैसे के लालच में लोगों के जिंदगी से खेलने लगे है.
उन्हें यह तक एहसास नहीं कि उनकी एक लालच जीवन भर के लिए किसी की जिंदगी को बरबाद कर सकता है. मात्र 25 हजार रूपये की लालच में बौंसी रेफरल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सक डॉ आरके सिंह ने एक 9 वीं कक्षा की 16 वर्षीय छात्रा का बंध्याकरण बिना किसी जांच पड़ताल के कर दिया और एक जिंदगी को जीवन भर के लिए मां बनने के सुख से वंचित कर दिया. हालांकि डॉक्टर के द्वारा किये गये इस कुकृत्य घटना को लेकर पुलिस प्रशासन  के द्वारा जांच की जायेगी.
कहते हैं पदाधिकारी
अपहरण के बाद शादी व 18 वें दिन पीड़िता के बंध्याकरण की घटना में शामिल जो भी लोग होंगे उनके ऊपर कार्रवाई तय है. चाहे घटना को अंजाम देने में  अपहरणकर्ता के परिजन हो या बंध्याकरण करने वाले चिकित्सक सभी के ऊपर अनुसंधान के बाद कानूनी कार्रवाई की जायेगी.
एसके दास, एसडीपीओ, बांका

http://www.prabhatkhabar.com/news/banka/story/1069875.html

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