नसबंदी कर महिलाओं को खुले में लिटाया

खजनी(गोरखपुर)। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर महिलाओं की नसबंदी के दौरान एक बार फिर अव्यवस्था सामने आई। बृहस्पतिवार को 32 महिलाओं की नसबंदी करने के बाद उन्हें अस्पताल के बाहर खुले में चारपाई पर लिटा दिया गया। इसे लेकर महिलाओं और उनके तीमारदारों में नाराजगी देखी गई।

कृषि भवन के एक हिस्से में पीएचसी है। पूर्व में तय कार्यक्रम के तहत जिला अस्पताल के डॉक्टर धनंजय महिलाओं की नसबंदी करने के लिए पहुंचे थे।

दोपहर तक हरिहरपुर, तामा, मुरदेवां, जयपालपार आदि गांवों से आईं 32 महिलाओं की नसबंदी करने के बाद उन्हें अस्पताल परिसर में खुले आसमान के नीचे टेंट हाउस से मंगाई गई चारपाई पर लिटा दिया गया। यहां न तो टेंट की व्यवस्था थी और न ही घेराबंदी की गई थी।

कुछ महिलाओं को बरामदे में भी लिटाया गया था। पीड़ितों के साथ आए परिजनों में माधुरी, पानमती, सुधा, ममता, सरोज, कुसुम, तारा, पूजा, बबली, प्रेमा, मंजू आदि ने बताया कि खुले आसमान के नीचे महिलाओं को रखा गया था। शरीर ढकने के लिए सिर्फ चादर दिया गया था।

चारों तरफ से पर्दा नहीं होने से भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
पीएचसी प्रभारी डॉ. महेश कुमार से जब टेंट आदि नहीं लगाने के बारे में पूछा गया तब उन्होंने कोई जवाब न देते हुए सिर्फ इतना कहा कि मरीजों को लिटाने के लिए टेंट हाउस से बेड मंगाया गया था।

इस संबंध में सीएमओ एमके सिंह का कहना है कि मैने टेंट वगैरह की पर्याप्त व्यवस्था करने के लिए कहा था। यदि ऐसा नहीं हुआ है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।http://www.amarujala.com/uttar-pradesh/gorakhpur/crime/sterligation-of-woman-lying-in-the-open-hindi-news

Related posts