03/02/2012-Soni Sori’s letter from Prison, she  asks questions to all the citizens of  India, Please answer her

This if for all social workers intellectuals, NGOs, human rights organisations, women’s commission and citizens of India, an abused and helpless tribal woman, is asking you to answer her  why she is being brutally tortured  and she wants to know–

  1.  That by giving me current, by stripping me naked, or by  brutally  assaulting me  inserting stones in my rectum- will the problem of Naxalism end ? Why so many atrocities on women? I want to know from all countrymen
  2.  When I was being stripped, that time I felt someone should come and save me and it did not happen. In Mahabharata , Draupadi’s  honour was  saved  when she called upon  Krishna  Whom should I have called , I was given to them ( police )  by the court  . But now ,I will not say that save my honour as  I have nothing left. Yes, I want to know from all of you that why was I Tortured?
  3.  Police officer, S. P Ankit Garg after stripping me says that “you are a whore, a bitch, who pleases  naxal leaders by selling your  body and  they come to your house every day and night. We know everything, “he said adding that “. You claim to be a good teacher, but you sell yourself  even in Delhi. What’s your status anyways, you think the big stalwarts will support such an ordinary woman like you”. Why will a police officer say this? Today history is witness that whenever there is war in country or any other conflict, women have contributed a lot to the nation. Jhansi Lakshmi Bai fought with the Britishers, did she sell herself ? Indira Gandhi as the prime minister of India , she governed the country, did she sell herself ? Today all the women who are working in their respective areas are they selling themselves ? All of us are bound with each other in unity and support, then why no one is coming to help me ?  I would like to have an answer from you?
  4.  Who has made the world?  Who gave birth to the powerful, intellectual fighters? If woman would not have been there, was it possible that India would have got i freedom or no? I am a woman, so why did this happen to me, answer me
  5.    My Education has been mocked at. I got my education at Gandhian school Rukmani Kanya Ashram, Dimripal. I strongly believe in the power of my education. Whether its naxal problem or any other, I can face  it.  Education is my tool  for survival and pen is my weapon of choice . Still they have put me in jail as a naxal supporter. Mahatma Gandhi also had the same tools. If Mahatma Gandhi was alive today, then he would also have been put behind bars as a naxal supporter? I want to know from all of you
  6.  Why only the villagers, tribals are being put in jails as naxal supporters and cases have been fabricated against them? Many other people can be naxal supporters. Is it because they are illiterate, uneducated, simple people, living in huts in forests, and they have do not have money or is it because they have the capacity to tolerate torture much more? Why? I want to know from you people
  7.  We  Adivasis are being abused and tortured in many ways; we are accused of being naxal supporters, cases are being fabricated against us, even for 1-2 cases people are being kept in prison for 5-6 years. Neither there is judgement, nor bail or acquittal. After all why? Is it because we adivasi people do not have the calibre to fight the government or that government is not with adivasi. Or because adiiavsis are not sons/ daughters. Relatives of big political leaders. Till when the adivasis will be exploited, till when? I am asking all citizens of India, Answer  me
  8.  In jagdalpur and dantewada prisons, 16 year olds boys and girls were bought and they are now 20-21 years old. But still their cases are not being heard. If their cases will not be  heard in coming days or years, then what will be their future? Why so much atrocities upon the adivasis?  All social workers, intellectuals, NGOs, citizens  Please think
  9.  The Naxals looted my father’s house and shot my father in the leg making him disabled.  Why did they do that, they thought my father was a police informer.  About 20-25 people from my father’s village bade-bidema have been put in jail as naxal supporters. The naxalites punished by Father for their imprisonment. I want to know from you, tell me who is responsible for this? Government or police or my Father? Today there is no support or help for my father; instead the police administration is trying to implicate his daughter as a criminal. If he was a politician he  we would have got help but my father is a  ordinary villager and an adivasi, what will the government do for the adivasis? tell me

Struggling with Torture- woman of Chhattisgarh


Soni  Sori (Sodi)

सोनी सोरी के हम सब से कुछ सवाल – जेल से भेजा गया नया पत्र 03/02/2012

गुरूजी,आप सब सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवी संगठन वाले, मानवाधिकार महिला आयोग, देश वासियों से पीड़ित लाचार एक आदिवासी महिला आप सबसे अपने ऊपर किये अत्याचार का जवाब मांग रही है| और जानना चाहती है कि –
(१) मुझे करंट शार्ट देने से, मेरे कपड़े उतारकर नंगा करने से या शरीर में बेदर्दी के साथ कंकड गिट्टी डालने से क्या नक्सलवाद समस्या खत्म हो जायेगा| हम औरतों के साथ ऐसा अत्याचार क्यों| आप सब देशवासियों से जानना है |(२) जब मेरी कपड़े उतराया जा रहा था उस वक्त ऐसा लग रहा था कोई तो आये और मुझे बचा ले पर ऐसा नहीं हुआ| महाभारत में द्रोपती अपने वस्त्र अहरण में कृष्णजी को पुकारकर आपनी लज्जा को बचा ली| मैं किसे पुकारती मुझे तो कोर्ट न्यायालय द्वारा इनके हाथो में सौपी गई थी| ये नहीं कहूँगी कि मेरी लज्जा को बचा लो| अब मेरे पास बचा ही क्या है| हाँ आप सब से जानना चाहूंगी कि मेरे साथ ऐसा प्रताडना क्यों किया गया|

(३) पुलिस आफिसर अंकित गर्ग एस पी नंगा करके ये कहता है कि तुम रंडी औरत हो मदर सोद गोंड इस शरीर का सौदा नक्सली लीडरो से करती हो तुम्हारे घर में रात-दिन आते है| हमे सब पता है| जिससे एक अच्छी शिक्षिका होने का दावा करती हो| दिल्ली जाकर भी ये सब कर्म करती हो| तुम्हारी अवकात ही क्या तुम एक मामूली सी औरत का साथ इतने बड़े-बड़े लोग देंगे| पुलिस प्रशासन का आफिसर ऐसा क्यों कहा| आज इतिहास गवाह है कि देश की लड़ाई हो या कोई भी संकट हो नारियों का बहुत बड़ा योगदान रहा है| क्या झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई अंग्रेजों से लड़ाई लड़ी तो क्या उसने अपने आप को सौदा किया| इन्दरागांधी देश की प्रधान मंत्री बनकर देश को चलाया तो क्या उसने अपने आप को सौदा किया| आज जो महिलाए हर कार्य क्षेत्र में आगे होकर कार्य कर रहे हैं| क्या वो महिलाये भी अपने आप को सौदा कर रहे है| हमारे देशवासी तो एक दूसरे के मदद एकता से जुड़े है| फिर हमारी मदद कोई क्यों नहीं कर सकता| आप सभी से जवाब जानना चाहूंगी|

(४) संसार की श्रृष्टि किसने किया| बलशाली, बुद्धिमान युद्धाओं का जन्म किसने दिया| यदि औरत जाति ना होती तो क्या देश की आजादी संभव था या नहीं| मैं भी तो एक औरत ही हूँ| फिर मेरे साथ ऐसा क्यों किया गया| जवाब दीजियेगा|

(५) मेरी शिक्षा को भी गाली दिया गया| मैं एक गांधीवादी स्कूल माता रुक्मणि कन्या आश्रम डिमरापाल में शिक्षा प्राप्त किया है| मुझे अपनी शिक्षा की ताकत पर पूरा विश्वास है| जिससे नक्सली क्षेत्र हो या कोई और समस्या फिर भी शिक्षा की ताकत से सामना कर सकती हूँ| मैंने हमेशा शिक्षा को वर्दी और कलम को हथियार माना है| फिर भी नक्सली समर्थक कहकर जेल में डाल रखा है| बापूजी के भी तो ये ही दो हथियार थे| क्या आज महात्मा गांधी जीवित होते तो क्या उन्हें भी नक्सल समर्थक कहकर जेल में डाल दिया जाता| आप सभी से जानना है|
(६) ग्रामीण आदिवासियों को ही नक्सल समर्थक कहकर फर्जी केस बनाकर जेलों में क्यों डाला जा रहा है| और लोग भी तो नक्सल समर्थक हो सकते हैं| क्या ये लोग अशिक्षित है सीधे-सादे जंगलों में झोपडियां बनाकर रहते हैं इसलिए या इनके पास धन नहीं या अत्याचार सहने की क्षमता है| आखिर क्यों| हमे आपलोगों से जानना है |

(७) हम आदिवासियों को अनेक तरह का अत्याचार करके, नक्सल समर्थक, फर्जी केस बनाकर, एक-दो केस के लिये भी ५ वर्ष ६ वर्ष से जेलों में रखा जा रहा है| ना कोई फ़ैसला, ना कोई जमानत, ना ही रिहाई| आखिर ऐसा क्यों| क्या हम आदिवासियों में सरकार से लड़ने की क्षमता नहीं है या सरकार आदिवासियों के साथ नहीं है| या ये लोग किसी बड़े नेताओ के बेटा, बेटी, रिश्तेदार नहीं हैं| कब तक आदिवासियो के साथ शोषण होते रहेगा, करते रहेंगे आखिर कब तक| आप सब देशवासियों से पूछ रही हूँ| जवाब दीजियेगा |

(८) जगदलपुर, दंतेवाड़ा जेलों में १६ वर्ष की उम्र में युवा-युवतियो को लाया गया वो युवा-युवतियां लगभग २०-२१ वर्ष के हो रहे है| फिर भी इन लोग का कोई सुनवाई नहीं हो रहा है| यदि कुछ दिनों वर्ष बाद इनकी सुनवाई भी होती है तो इन लोगों का भविष्य कैसा होगा| हम आदिवासियों के साथ ऐसा जुल्म क्यों? आप सभी सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवी संगठन वाले देशवासियों सोचियेगा |

(९) नक्सली मेरे पिता के घर को लूट लिये और मेरे पिता के पैर में गोली मारकर विकलांग बना दिया| पुलिस मुखबिर के नाम से ऐसा किया गया| मेरे पिता के गांव बड़े बेडमा से लगभग २०-२५ लोगों को नक्सली समर्थक कहकर जेल में डाल रखे हैं| जिसकी सजा नक्सली मेरे पिता को दिया| आप सबसे जानना है| बताइए इसके जिम्मेदार कौन है| सरकार या पुलिस प्रशासन या मेरे पिता| आज मेरे पिता के लिये किसी तरह का कोई सहारा नहीं दिया गया ना मदद किया गया| बल्कि उनकी बेटी को पुलिस प्रशासन अपराधी बनाने की कोशिश कर रही है| नेता होते तो शायद मदद मिलती मेरे पिता ग्रामीण निवासी और एक आदिवासी हैं| फिर सरकार आदिवासियों के लिये क्यों करेगा|

छत्तीसगढ़ की नारी प्रताड़ना से जूझती
स्व हस्ताक्षरित
श्रीमती सोनी सोरी (सोढी)

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Audio Soni Sori Letter tp Nation- Page 1

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