Rss

  • stumble
  • youtube
  • linkedin

बागों में बहार है

By- Gurpal Singh

bahaar

बैंकों में पैसे नहीं लेकिन बागों में बहार है

बस,पचास दिने पूरे होने का सबको इंतज़ार है

ब्लैक से वाइट करने का सबके पास जुगाड़ है

सिर्फ गरीबों पे गिरा मुसीबतों का पहाड़ है

करने को काज नहीं ,  खाने  को अनाज नहीं

चलो माफ़ किया डेबिट कार्ड का सरचार्ज नहीं

अब रहो खुश .. और कैशलेस हो जाओ

लाइन में लगो, देश को आगे बढ़ाओ

बुज़ुर्ग मरे लाइन में, बच्चे अस्पतालों में

फायदा तो होगा आने वाले सालों में

जो मरे ,उनके लिए हरिद्वार है

बागों में बाहर है

Related posts

Comment (1)

  1. K SHESHU BABU

    Kabhi aur din naaku hai
    Kaala dhan nahi says hai
    Saphed dhan bankon mei hai
    Jan dhan khataaon mei hai
    Jan ko nirdhan banana hai
    Garrison ki pulse hai
    Bankon mein bahar hai
    Bahar andhakar hai …!

Leave a Reply

%d bloggers like this: